
Ministry of Education द्वारा प्रारम्भ की गई कपिला (KAPILA – Kalam Program for IP Literacy and Awareness) योजना का उद्देश्य देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों को पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क संबंधी प्रक्रियाओं से परिचित कराना है। यह योजना विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सामाजिक विज्ञान और अन्य विषयों में शोधरत छात्रों एवं शिक्षकों को अपने नवाचारों को सुरक्षित करने के लिए प्रेरित करती है। कपिला योजना के अंतर्गत संस्थानों में कार्यशालाएँ, सेमिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा IPR संबंधी परामर्श सेवाएँ आयोजित की जाती हैं, जिससे अनुसंधान कार्यों को व्यावसायिक रूप से उपयोगी बनाया जा सके।
Government Girls P.G. College, Bindki जैसे महाविद्यालयों के लिए यह योजना अत्यंत उपयोगी है। इस महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राएँ विभिन्न विषयों में शोध एवं प्रोजेक्ट कार्य करती हैं, जिन्हें कपिला योजना के माध्यम से अपने अभिनव विचारों को पेटेंट कराने तथा बौद्धिक संपदा की सुरक्षा के बारे में मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है। योजना के तहत नवाचार क्लब, IPR सेल तथा स्टार्टअप प्रोत्साहन गतिविधियाँ संचालित की जा सकती हैं, जिससे छात्राओं में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित हो।
कपिला योजना उच्च शिक्षा संस्थानों को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जोड़ती है। यह न केवल शोध की गुणवत्ता को बढ़ाती है, बल्कि नवाचारों को बाजार से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करती है। Government Girls P.G. College, Bindki, Fatehpur में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन छात्राओं के बौद्धिक विकास, शोध कौशल संवर्धन तथा रोजगारोन्मुखी शिक्षा को नई दिशा दे सकता है।